UPS का फुल फॉर्म क्या है? | UPS का परिभाषा और अर्थ in Hindi

आपने अक्सर देखा होगा की कंप्यूटर के बहुत सारे हिस्से होते हैं, जो कंप्यूटर के फीचर को बढ़ाते हैं, उस मे से एक UPS  नाम का डिवाइस होता हैं, क्या आप जानते हैं वो क्या हैं?

अगर आपका जवाब हैं नहीं, तो घबराने की जरूरत नहीं हैं, इस लेख के माध्यम से आप UPS के बारे मे विस्तार से जानेंगे, UPS का फुल फॉर्म, इसका काम, और इसकी जरूरत क क्यूँ पड़ती हैं सभी सवालों का जवाब आपको मिलने वाला हैं । 

पूरी जानकारी के लिए इस लेख को ध्यान से पढे । 

UPS का फुलफॉर्म क्या होता हैं?

सबसे पहले इसका फुल फॉर्म के बारे में जान लेते हैं, UPS का फुल फॉर्म Uninterruptible Power Supply होता हैं, इसके साथ अगर हम बात करे की इसको हिन्दी मे क्या कहते हैं तो इसे हिन्दी मे अबाधित विद्युत आपूर्ति कहा जाता हैं। 

UPS का फुल फॉर्म
UPS का फुल फॉर्म

UPS क्या होता हैं?

फुल फॉर्म के बाद हम इसके बारे मे जान लेते हैं, आखिर ये UPS होता क्या हैं, इसका जवाब आसान हैं । जब किसी कारण से कंप्यूटर का मेन सप्लाई बंद हो जाता हैं, तब इसकी मदद से कंप्यूटर को पावर सप्लाई किया जाता हैं, क्योंकि इसमें एक बैटरी होता हैं जो कंप्यूटर को power down होने के बाद भी बंद नहीं होने देता । 

जिसकी मदद से हम कंप्युटर मे हो रहे किसी भी काम मे रुकावट नहीं पड़ती । इसकी मदद से लगभग 20-40 मिनट तक कंप्यूटर को चलाया जा सकता हैं । इसके साथ ये high voltage से भी कंप्युटर को बचाता हैं । ये current supply के काटने के बाद काम करना शुरू करता हैं, इसकी मदद से कंप्यूटर में हो रहे काम को save करने का समय मिल जाता है । 

ये एक तरह का Telecommunication device हैं, जो unexpected power cut से बचाता हैं । 

अन्य उपयोगी फुल फॉर्म विषय हिंदी में :-

  1. PIN Full Form
  2. UPI Full Form

UPS के प्रकार 

अब हम जान लेते हैं की ये कितने प्रकार का होता हैं । UPS के मुख्यता 3 प्रकार होते हैं । 

Stand By UPS

Stand By UPS का इस्तेमाल पर्सनल कंप्युटर के लिए किया जाता हैं । ये तब काम करता हैं जब कंप्यूटर का मैन पावर सप्लाई बंद हो जाता हैं, ये पहले खुद चार्ज होता हैं, उसके बाद power supply बंद होने के बाद ये पर्सनल कंप्यूटर को कुछ समय के लिए पावर डेटा हैं ताकि कंप्यूटर मे हो रहे काम को सेव लिया जा सके । 

Line Interactive UPS

ये Stand By UPS से पूरी तरह अलग होता हैं, इसकी मदद से कंप्युटर को normal voltage मे रेग्यलैट करता हैं। ये high ओर low voltage मे भी सही तरह से काम करता हैं । ये 2 तरह से काम करता हैं, जब मैन पावर कट होता हैं तो ये सिस्टम को पावर सप्लाइ करता हैं, और बाकी समय invator की तरह चार्ज करता हैं । 

Delta Conversion On-line

इसमे सूदर करने के बाद  Delta Conversion UPS बनाया गया हैं, इस UPS में Double Conversion के Disadvantage को हटाया गया है, Delta Conversion Technology के सुरुआती और अंतिम Point के बीच में Package Carry करके ऊर्जा को बचाता है यह Line UPS के Voltage को प्रापर मैन्टैन करता है।

UPS के PARTS 

UPS के कुछ पार्ट्स होते हैं जो मैंने नीचे बताया हैं । 

Rectifier

इस पार्ट्स का काम Alternative Current को Direct Current में Convert करना है, इसका इस्तेमाल battery को charge करने के लिए किया जाता हैं । ये inventors के अंदर ही फिट होता हैं । 

Battery

इसका इस्तेमाल UPS मे energy को store करने के लिए किया जाता हैं, ये battery की led या आवश्यकता अनुसार हो सकता हैं । 

Inverter

ये Rectifier से बिल्कुल उल्टा होता हैं, यह लोड के लिए उपयोग में आने वाले DC को AC में Convert कर देता है, inverter एक Output साइन वेव होता है जो DC को Constant Frequency और Amplitude के AC में बदल देता है।

UPS के फाइदा क्या हैं?

अब हम इसके फायदे के बारे मे जान लेते हैं, हमने जान ही लिया हैं की UPS की काम आता हैं, इसका फाइदा भी कुछ मिलता जुलता हैं, मगर इसे अच्छे से समझते हैं । 

सबसे खास बात हैं की UPS का इस्तेमाल से power cut होने के बाद भी काम होते रहता हैं, data loss होने का दर नहीं होता । 

कई बार बिजली कम या ज्यादा हो जाता हैं, जिसकी वजह से कंप्यूटर को नुकसान होने का डर होता हैं, मगर UPS current को सामान्य रखता हैं । 

इसकी मदद से कंप्यूटर मे हो रहे किसी भी तरह का data अचानक से पावर down होने से खत्म नहीं होता, ये पावर डाउन होने के बाद भी 20-40 मिनट तक कंप्यूटर को चलाता हैं । 

इसका इस्तेमाल घर के Emergency Power Source के तोड़ पर भी किया जा सकता हैं, घर के बिजली यंत्र को भी इसके मदद से चलाया जा सकता हैं । 

UPS कैसे काम करता है

ये चार तरीकों से काम करता हैं, नीचे विस्तार मे दिया गया हैं – 

Voltage Surges and Spikes

कई बार electricity का voltage ज्यादा हो जाता हैं, UPS बिजली को संतुलित करके सही तरीके से कंप्यूटर को चलाता हैं । 

Voltage Sags

कई बार electricity का voltage कम हो जाता हैं, उस वक्त कंप्यूटर को चला पान या उसपर काम कर पाना मुस्किल होता हैं, उस वक्त UPS की मदद से बिजली का परवाह नियंत्रित किया जाता हैं । 

Totals Power Failure

जब पूरी तरह से बिजली कट जाती हैं, तब इसकी मदद से हो रहे काम को कंप्यूटर में सेव करने का मौका मिल जाता हैं। 

Frequency Difference

बहुत बार देखा गया हैं की बिजली का बहाओ कम या ज्यादा होते रहता हैं, जिसकी वजह से कंप्यूटर को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता हैं, जैसे की motherboard खराब होना, display खराब आदि । मगर ups की मदद से इसे control किया जाता हैं । 

आज हमने जाना की UPS क्या होता हैं, आशा हैं आपको इस लेख मे आपके सभी सवालों का जवाब मिल गया होगा, अगर आपको किसी तरह का कोई समस्या आती हैं तो आप comment जरूर करे । 

अगर आपको लगता हैं, इस आर्टिकल के माध्यम से आपके दोस्तों या रिश्तेदारों को फाइदा हो सकता हैं तो इसे उनके साथ जरूर शेयर करे । जय हिन्द ।

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