EVM का फुल फॉर्म क्या है? | EVM का परिभाषा और अर्थ in Hindi

EVM क्या होता हैं और कैसे इस्तेमाल करे।

दोस्तों हम सभी ने कभी न कभी EVM का नाम जरूर सुन हैं, अपने इसे वोट देते वक्त सुन होगा, पर क्या आप इसके बारे मे जानते हैं। अगर नहीं तो आज आप इस लेख के माध्यम से पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे। 

इस लेख मे आपको EVM का फुल फॉर्म, इसका इतिहास और ये क्या होता हैं, इसके बारे मे पूरी जानकारी मिलेगी। EVM के बारे मे पूरी जानकारी के लिए इस लेख को पूरा पढे। 

EVM का फुलफॉर्म क्या होता हैं?

सबसे पहले इसका फुल फॉर्म के बारे मे जान लेते हैं। EVM का अंग्रेजी मे फुल फॉर्म, Electronic Voting Machine होता हैं, इसके साथ अगर हम बात करे की इसका हिन्दी मे क्या मतलब है तो इसे हिन्दी मे मतदान वोटिंग मशीन कहते हैं। 

EVM का फुल फॉर्म
EVM का फुल फॉर्म

EVM क्या होता हैं?

ये बहुत ज्यादा जरूरी हो गया हैं की सभी को पता हो की EVM क्या होता हैं, EVM से जुड़े बहुत से सवाल आए दिन आते ही रहते हैं। 

EVM एक मशीन होता हैं जिसका इस्तेमाल वोटिंग के लिए होता हैं। EVM मशीन पर हर पार्टी का चुनाव चिन्ह बना होता हैं जिसकी मदद से लोग जिसको वोट देना चाहते हैं उस के चुनाव चिन्ह वाले button पे क्लिक कर उसे वोट देते हैं। 

इसमें सभी पार्टी के चुनाव चिन्ह केबल के माध्यम से जुड़ा होता हैं जिसे हम electronic ballot box कहते हैं। 

इसमे 2 यूनिट होते हैं, control unit और balloting unit ये दोनों एक दूसरे के साथ five-meter cable की मदद से जुड़े होते हैं। इसके मदद से वोटर का वोट दिए गए पार्टी को आसानी से क्लिक के माध्यम से मिल जाता हैं। 

EVM को बिना ballot number के खोल नहीं जा सकता, इसे यह पता चलता हैं की EVM को वोट देने के लिए अच्छे से इस्तेमाल कर सकते हैं। 

EVM का इतिहास 

M. B. Haneefa ने सबसे पहले Indian Voting Machine का अविस्कार 1980 मे किया था। उस वक्त इसे Electronically Operated Vote Counting Machine का नाम दिया गया, सबसे पहले उनके डिजाइन को देश के 6 बड़े शहर मे exhibit किया गया, Election Commission of India के द्वारा इसे officially commissioned 1989 मे किया गया। 

उस वक्त इसे Bharat Electronics Limited और Electronics Corporation of India Limited के साथ collaborate किया गया था। 

IIT बॉम्बे के Industrial Design Centre के faculty members ने इसे डिजाइन किया था। 

केरल के एक इलेक्शन मे सबसे पहली बार EVM का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद experiment के तोड़ पे Madhya Pradesh, selected constituencies of Rajasthan और Delhi मे इस्तेमाल किया गया। 

1999 मे Goa राज्य मे पूरी तरह से इस्तेमाल किया गया। इसके बाद पूरे देश मे 2003 तक इलेक्शन मे EVM का इस्तेमाल होने लगा। फिर election commission EVM का इस्तेमाल लॉक सभा चुनाओ मे लाया। 

अन्य उपयोगी फुल फॉर्म विषय हिंदी में :-

  1. PIN Full Form
  2. UPI Full Form
EVM की विशेषताएं 
  1. इसका इस्तेमाल बहुत आसान होता हैं, और इसमे कोई छेड़ खानी नहीं हो सकती। 
  2. इसमे ऐसे तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसमे एक ही इंसान का दूसरा वोट अंकित नहीं हो सकता यानि की एक इंसान एक बार ही वोट दे सकते हैं। इसमें वोट की गिनती को बाध्य नहीं जा सकता।
  3. इसमे इस्तेमाल होने वाले Microchip को इस तरह से डिजाइन किया गया हैं की इसमे प्रोग्राम के बाद केवल एक ही कार्य मे इसका इस्तेमाल किया जा सकता हैं। इसमे कॉपी नहीं की जा सकती । 
  4. ये बहुत ज्यादा secure होता हैं। 
  5. आवेध मत इसके माध्यम से बहुत ज्यादा कम हो जाता हैं। 
  6. इसके अंकित वोट को आसानी से गिना जा सकता हैं। 
  7. ये बहुत कम राशि मे उपलब्ध हो जाती हैं। 
  8. अगर उम्मीदवार की संख्या 64 से कम होती हैं तो वह evm से चुनाव कराया जा सकता हैं। 
  9. एक evm मशीन जायद से ज्यादा 3840 वोट दर्ज कर सकती हैं।  
 EVM के फाईदे । 

इसके बहुत सारे फाइडे हैं जो मैंने नीचे पॉइंट के माध्यम से दिया हैं। 

  • जब हम इसे खरीदते हैं, तब इसका बहुत ज्यादा दाम होता हैं मगर मगर इसके इस्तेमाल और long term की सोचे तो ये फायदेमंद हैं। 
  • इसके इस्तेमाल से पर्यावरण को बचाया जा सकता हैं, क्यूंकी बहुत सारे पड़ो को काटने से रोक जा सकता हैं। मगर ballot system मे ये फाइदा नहीं हैं। 
  • इसे battery की मदद से इस्तेमाल किया जाता हैं, जिसकी मदद से इसे कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता हैं। 
  • ये ballot system की तुलना मे कम खर्चीला होता हैं। 
  • इसकी मदद से बहुत जल्दी वोट को काउंट कर सकते हैं। 
  • इसका इस्तेमाल अनपढ़ लोग भी आसानी से कर सकते हैं। 
  • इसमें वोट मे बदलाव करना मुश्किल होता हैं। 
भारत मे EVM का इस्तेमाल क्यो किया जाता हैं?

भारत मे इसके इस्तेमाल का बहुत बड़ा कारण हैं, हम इसे आसानी से कुछ पॉइंट के माध्यम से समझ सकते हैं। 

  • पर्यावरण की सुरक्षा – ballot system के इस्तेमाल मे बहुत सारे पेपर का इस्तेमाल होता हैं, मगर EVM की वजह से पर्यावरण सुरक्षित रहती हैं। 
  • इसके माध्यम से वोट देना बहुत आसान हो गया हैं। सिर्फ button को press कर के वोट दे दिया जाता हैं। 
  • इसके इस्तेमाल से आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं। सिर्फ एक बार इसमें पैसा लगाना होता हैं फिर 15-16 साल तक इसका इस्तेमाल होता हैं । 
  • बिजली और बैटरी पर चलने की वजह से इसका इस्तेमाल काही भी कर सकते हैं। 
EVM से जुड़े कुछ सवालों के जवाब । 

FAQ – EVM Full Form

Q 1. EVM का सबसे पहले कहाँ इस्तेमाल हुआ था?

Ans. EVM का सबसे पहले केरल मे इस्तेमाल हुआ था। 

Q 2. EVM का आविष्कार किसने किया था।

Ans. M.B.Haneefa ने सबसे पहले इसका अविस्कार किया था। 

Q 3. EVM के फायदे क्या हैं?

Ans. EVM के फाइडे हैं- 

  1. बिजली की बचत
  2. पैसे की बचत 
  3. टाइम की बचत 
  4. अपराध से बचत 
  5. पर्यावरण की सुरक्षा 

Q 4. EVM का फुलफॉर्म क्या हैं?

Ans. EVM का फुलफॉर्म Electronic Voting Machine हैं। 

Q 5. EVM को develop करने के पीछे किसका हाथ हैं।

Ans. इसहे develop करने के पीछे S. Rangarajan और T. N. Swamy हैं। 

दोस्तों ये थी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी EVM को लेकर, आशा हैं आपको पसंद आया होगा, अगर आपको इसे लेकर कोई भी सवाल हैं तो comment जरूर करे। जय हिन्द। 

अगर आपको लगता हैं इससे आपके दोस्तों या रिश्तेदारों को फायदा हो सकता हैं comment जरूर करे। जय हिन्द। 

अन्य उपयोगी फुल फॉर्म विषय हिंदी में :-

  1. NCB Full Form
  2. Full Form FIFA

Leave a Reply