CGPA का फुल फॉर्म क्या है? | CGPA का परिभाषा और अर्थ in Hindi

अगर आप भी स्टूडेंट हैं, और स्कूल या कॉलेज मे पढ़ाई करते हैं तब आपके लिए ये बहुत जरूरी होता हैं की अपनी मार्क का cgpa निकालना आए, अगर आप को ये आता हैं तो आपके लिए इस आर्टिकल मे दूसरी जानकारी जरूर काम आएगी, मगर आपको ये नहीं आता तो ये आर्टिकल आपके लिए बहुत काम अ सकता हैं । 

इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको CGPA का फुल फॉर्म, इसे calculate कैसे करते हैं, इसका concept आदि तरह के सभी सवालों का जवाब इस आर्टिकल के माध्यम से आपको मिलेगा, सभी तरह के सवालों का जवाब के लिए आर्टिकल को ध्यान से पढ़े । 

CGPA का फुलफॉर्म क्या हैं?

सबसे पहले हम CGPA का फुल फॉर्म के बारे मे जान लेते हैं, इसका फुल फॉर्म  Cumulative Grade Point Average होता हैं, अगर हम बात करे की इसका हिन्दी मे मतलब क्या हैं तो इसे हिन्दी मे संचयी ग्रेड अंक औसत कहते हैं । 

CGPA क्या होता हैं?

ये एक तरह का educational grading system होता हैं, जिसका इस्तेमाल विद्यार्थियों के performance को मापने के लिए होता हैं । एक तरह का ग्रैड को मापने का तरीका होता हैं जिससे student साल भर पढ़ने के बाद परीक्षा के बाद मापते हैं, जिसकी वजह से विद्यार्थी के performance को बताया जाता हैं । 

आपको बता दे कि CGPA को मापने का तरीका हर देश मे अलग अलग हैं । अब शायद आपको cgpa क्या हैं पता चल गया होगा, इसके बाद आपको इसे निर्धारित कैसे करते हैं जान लेते हैं । 

CGPA का फुल फॉर्म in Hindi
CGPA का फुल फॉर्म in Hindi

CGPA ग्रेड कैसे निर्धारित करे?

इस grade को हम कुछ ऐसे समझ सकते हैं – 

  • 90-100% – O Or A+ (Outstanding)
  • 70-89% – A (First Class)
  • 50-69% – B+ (Second)
  • 40-49% (Pass)
  • Below 39% F. (Clear Fail)

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CGPA कैसे calculate करे?

CGPA कैल्क्युलेट करना बहुत ही आसान हैं, 5 सब्जेक्ट के अंकों को जोड़ कर कुल संख्या से भाग कर देना होता हैं । 

उदाहरण के लिये – 

  • English – 5
  • Sanskrit – 8
  • Science – 9
  • Social Science – 8.5
  • Maths – 9

तो उसे जोड़ने के बाद – 9.5+8+9+8.5+9 = 44

44 के सभी अंकों को 5 से भाग करने के बाद आपका cgpa निकाल आएगा जैसे – 44/5 = 8.8

CGPA के concept 

CGPA पहले Primary, Upper Primary Or Secondary Students के लिए था, बाद मे इसे स्कूल और कॉलेज के लिए निर्धारित कर दिया गया । CGPA से पहले हम GPA के बारे मे जान लेते हैं, GPA Grade Point Average इसका अर्थ हैं, जो सत्र के एक निश्चित कल मे निकाली गई performance हैं । जबकि CGPA संचयी ग्रेड पॉइंट औसत के लिये छात्र की संपूर्ण सत्र की performance को देखा जाता है।

CGPA का इस्तेमाल कैसे किया जाता हैं?

ये सत्र के दौरान छात्रों के औसत प्रदर्शन की गणना करने के लिए इस्तेमाल किया जाता हैं, इसके लिए स्टूडेंट के सेमेस्टर में उपस्थित Credit Hours की कुल संख्या, प्राप्त कुल अंक सभी को विभाजित करना होता हैं । 

CGPA के गुण और दोष 

गुण 

  • CGPA की मदद से छात्र स्वयं अपने academic performance पर ध्यान दे सकते हैं, छात्र को खुद पता चल जाता हैं की वो किस विषय मे याचा हैं और किस मे कमजोर। 
  • इसकी मदद से छात्रों पर ज्यादा ग्रेड प्राप्त करने का दबाव कम हो जाता हैं क्योंकि रिपोर्ट पर सिर्फ grade अंकित होता हैं । 

दोष 

  • इसकी वजह से छात्रों को सही प्रदर्शन के बारे मे पता नहीं चलता, CGPA से छात्रों के stick प्रदर्शन के बारे मे पता नहीं चलता । 
  • ग्रेडिंग प्रणाली के कारण बच्चे बहुत कम academic प्रदर्शन करते हैं, क्योंकि वो जानते हैं की कुछ गलतियों के बावजूद वो लक्षित अंक प्राप्त कर लेंगे । 
  • CGPA छात्रों के stick प्रदर्शन को दिखने मे विफल हो जाता हैं, हम उनके वास्तविक छमत के बजाए उनके ग्रैंड पर ध्यान देते हैं । 
  • किसी particular subject मे student की कितनी knowledge हैं, और कितना अच्छा कर सकते हैं, ग्रैंड system मे नहीं देखा जा सकता हैं ।

दोस्तों ये थी कुछ महत्वपूर्ण बातें CGPA को लेकर, आशा हैं आपको इस आर्टिकल के माध्यम से सभी सवालों का जवाब मिल गया होगा, अगर आपको किसी तरह की समस्या आती हैं तो आप COMMENT जरूर करे, हम आपकी मदद जरूर करेंगे । 

अगर आपको लगता हैं इस आर्टिकल से आपके दोस्तों या रिश्तेदारों को मदद मिल सकती हैं, तो इस आर्टिकल को उनसे share जरूर करे । जय हिन्द ।

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