Buddha Poornima क्या हैं| बुद्ध पूर्णिमा पर निबंध हिन्दी मे

क्या आप भी बुद्ध पूर्णिमा पर एक निबंध तलाश कर रहे हैं? क्या आपको भी बुद्ध पूर्णिमा के बारे मे जानना हैं? अगर आपका जवाब हाँ, हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आए हैं। आज आपको बुद्ध पूर्णिमा के बारे मे पूरी जानकारी आपको यह से मिलेगी। 

बुद्ध पूर्णिमा के बारे मे पूरी जानकारी के लिए आप इस लेख को पूरा ध्यान से पढ़े। 

बुद्ध पूर्णिमा क्या हैं|
बुद्ध पूर्णिमा क्या हैं|

बुद्ध पूर्णिमा 

बुद्ध पूर्णिमा भगवान बुद्ध के जन्मदिन के अवसर पर मनाया जाने वाला एक त्यौहार हैं, इसे मुख्याता बौद्ध धर्म मानने वाले मानते हैं, ये एक बहुत ही पवित्र त्यौहार हैं। बुद्ध पूर्णिमा को बुद्ध जयंती के नाम भी जाना जाता हैं, इसके अलावा इसे वेसाक, वैशाका के नाम से भी जानते हैं। 

बुद्ध पूर्णिमा भगवान बुद्ध के याद मे मनाया जाने वाला एक बहुत बड़ा त्यौहार हैं, वैसाखा में पूर्णिमा की रात हर साल इसे बड़े धूम धाम से मनाया जाता हैं। 

ये त्यौहार भारत के साथ साथ थाईलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका, मलेशिया, नेपाल, और बांग्लादेश मे भी मनाया जाता हैं। त्यौहार दक्षिण-पूर्व एशिया के लगभग सभी देशों मे मनाया जाता हैं, मगर सभी देशों मे इसे मनाने का तरीका अलग अलग हैं। 

भगवान बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक हैं, भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार भी माना जाता है, मन जाता हैं इस दिन भगवान बुद्ध के जीवन मे तीन मुख्य घटना घटी थी, मतलब उनका जन्म, उनका ज्ञान, और मृत्यु। 

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इस दिन का इतिहास

भगवान बुद्ध यानि की सिद्धार्थ का जन्म 566 बीसी में, कालपतारू मे हुआ था, जब वो बड़े हुए तब उन्होंने इस संसार का अर्थ समझने के लियें अपना राज पाट छोर कर सत्य की खोज मे चले गए। 

बुढ़ापे, बीमारी और मृत्यु का अर्थ उन्हे समझना था, वो सालों तक ध्यान किए और एक समय ऐसा आया जब उन्हे ज्ञान की प्राप्ति हो गई, तब वो सिद्धार्थ से बुद्ध बने। 

बुद्ध पूर्णिमा की परंपरा 

आज के दिन की सुरुआत बहूत ही आढ़भूत तरीके सी की जाती हैं, प्राथना के साथ इसकी सुरुआत होती हैं, बौद्ध ग्रंथों, धार्मिक प्रवचन, जुलूस के माध्यम से इस इसे मनाया जाता हैं। भगवान बुद्ध की मूर्ति को सजाय जाता हैं। सभी भक्त इसमे भाग लेते हैं, उत्साह और जसन के साथ इस पर्व को मनाया जाता हैं। 

आज के दिन बुद्ध धर्म के लोग स्नान करने के बाद सफेद रंग का कपड़ा पहनते हैं। भगवान बुद्ध की मूर्ति को पीपल के पेड़ के नीचे रखा जाता हैं, और पूजा की जाती हैं। 

बुद्ध पूर्णिमा का जश्न

आज के दिन बुद्ध पूर्णिमा को लगभग पूरी दुनिया मे मनाया जाता हैं, लोग आज के दिन दीपक जलाते हैं, कई तरह के कार्यक्रम का आयोजन करते हैं, बुद्ध धर्म के किताबों का पाठ होता हैं, दान किए जाते हैं, मंदिरों और मठों को सजाया जाता हैं। 

भगवान बुद्ध की शिक्षाएं व नियम

भगवान बुद्ध ने अपने उपदेशों मे चार सत्य की बातें बताई हैं जो की बुद्ध धर्म का आधार हैं। ये सभी शिक्षाएं मनुष्य को दुख और पीड़ा से मुक्ति देते हैं, जीवन को एक सतमार्ग दिखती हैं। 

बौद्ध धर्म के त्रिरत्न 
  1. बुद्ध
  2. धम्म
  3. संघ
चार परम सत्य
  1. इंसान का दुख सत्य हैं। 
  2. हर दुख का कोई न कोई कारण होता हैं। 
  3. लालसा या इच्छा पीड़ा का कारण हैं। 
  4. लालच का त्याग ही पीड़ा से मुक्ति दे सकता हैं। 
आठ पथ
सम्यक दृष्टि 

इसे हम सही दृष्टि भी कह सकते हैं इसमें आर्य सत्य को समझने पर बल दिया गया हैं। 

सम्यक संकल्प 

इसमे बताया गया हैं की दूसरों से राग द्वेष न करे, दुराचार न करे, हमेशा सदाचार अपनाएं और धर्म पर चले । 

सम्यक वाणी 

इसमे बताया गया हैं की इंसान को हमेशा सच और मधुर बोलना चाहिए। 

सम्यक कर्मान्त

सम्यक कर्मान्त का अर्थ मनुष्य के कर्म से हैं, इंसान को चोरी, परस्त्रीगमन  नहीं करनी चाहिए, भगवान बुद्ध ने सत्य और न्याय  के किए गए हिंसा को जायज बताया हैं। 

सम्यक आजीव

इंसान को मेहनत से अपना जीवन अर्जित करने पे बल दिया गया हैं। इसमें बताया गया हैं की मनुष्य को 5 तरह के व्यापार नहीं करने चाहिए, जो  मद्य का व्यापार, जहर का व्यापार, हथियारों का व्यापार,  पशुओं का व्यापार और मांस का व्यापार।

सम्यक व्यायाम 

इंसान को शुभ विचार वाली बातों को अपने मन मे रखना चाहिए और पाप द्वेष को निकाल देना चाहिए। 

सम्यक स्मृति 

इंसान को मन की एकाग्रता पर बाल देना चाहिए, द्वेष से रहित अपने मन को बनाना चाहिए। 

सम्यक समाधि

इंसान को पाप नहीं करना चाहिए, और जो पाप हो चुके हैं उन्हें खत्म करने पे ध्यान देना चाहिए। 

बुद्ध के दस शील
  • किसी की हत्या न करना। 
  • कभी चोरी न करना। 
  • धन नहीं रखना। 
  • कभी नशा नहीं करना। 
  • नाच और गाना नहीं करना। 
  • बिना समय के भोजन के नहीं करना। 
  • धन जमा नहीं करना। 
  • कभी बिस्तर धारण नहीं करना। 
  • महिलावों के पास न जाना। 
  • हमेशा सत्य का साथ देना। 

भगवान बुद्ध से जुड़े कुछ सवाल 

FAQ

Q.1. भगवान बुद्ध को एशिया मे क्या कहा जाता हैं?

Ans. भगवान बुद्ध को एशिया मे ज्योति पुंज कहा जाता हैं। 

Q.2. भगवान बुद्ध का बचपन का नाम क्या था?

Ans. सिद्धार्थ भगवान बुद्ध का बचपन का नाम था। 

Q.3. बौद्ध धर्म मे गृह त्याग को क्या कहते हैं?

Ans. बौद्ध धर्म मे गृह त्याग को महाभिनिष्क्रमण कहते हैं। 

Q.4. बुद्ध के प्रथम गुरु कौन थे?

Ans. बुद्ध के प्रथम गुरु आलारकलाम थे। 

Q.5. बुद्ध को कब ज्ञान प्राप्त हुआ?

Ans. बुद्ध को पीपल के वृक्ष के नीचे वैशाख की पूर्णिमा को ज्ञान ज्ञान मिला था। 

Q.6. बुद्ध ने सबसे ज्यादा उपदेश कहा दिए थे?

Ans. श्रावस्ती मे बुद्ध ने सबसे ज्यादा उपदेश दिए हैं। 

Q.7. बौद्ध धर्म में बुद्ध की मौत को क्या कहा जाता हैं?

Ans. बौद्ध धर्म में बुद्ध की मौत को महापरिनिर्वाण कहा जाता हैं। 

Q.8. बौद्ध धर्म मे पूर्ण जन्म को मानते हैं?

Ans. हाँ, बौद्ध धर्म मे पूर्ण जन्म को माना जाता हैं। 

दोस्तों ये थी बुद्ध पूर्णिमा पर निबंध, आशा हैं आपको बुद्ध पूर्णिमा और बुद्ध के बारे मे सारी जानकारी मिल गई होगी, अगर आपका किसी तरह का सवाल हैं तो comment जरूर करें। 

अगर आपको लगता हैं ये लेख आपके दोस्तों या रिश्तेदारों को काम या सकता हैं तो इसे शेयर जरूर करे। जय हिन्द। 

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